Saturday, May 14, 2016

स्वाद,सुगंध और सेहत की साथी है हींग, जानें घरेलू नुस्खे


हींग केवल रसोई में काम आने वाला मसाला ही नहीं है अपितु यह एक बेहतरीन औषधि भी है। भारत में कई सौ सालों से मसाले के रूप में हींग का उपयोग किया जा रहा है। हींग फेरूला-फोइटिका नाम के पौधे का रस है। पौधे के रस को सुखाकर हींग बनाई जाती है।


भारत में हींग की खेती बहुत कम मात्रा में होती है। हींग काबुल, ईरान,अफगानिस्तान,तुर्केमिस्तान,बलूचिस्तान और खुरासान के पहाड़ी इलाकों में होती है। वहां से हींग पंजाब और मुंबई लाई जाती है। महर्षि चरक का कहना है कि हींग दमा के रोगियों के लिए रामबाण औषधि है। आइए जानें घरेलू

·         हींग में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है।

·         दाद,खाज,खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उस स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।

·         दांतों में कीड़ा लग जाने पर रात्रि को दांत में हींग दबाकर सोएं। कीड़े-खुद-ब-खुद निकल जाएंगे।

·         हींग का लेप बवासीर,तिल्ली व उदरशोध में लाभप्रद है।

·         कब्जियत की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोडा मिलाकर रात्रि मो फांक लें, सुबह शौच साफ होगा।

·         पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो लाभ होगा।

·         पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।

·         जख्म यदि कुछ समय तक खुला रहे तो उसमें छोटे-छोटे रोगाणु पनप जाते हैं। जख्म पर हींग का चूर्ण डालने से रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।

·         यदि शरीर के किसी भाग में कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। कुछ समय में कांटा स्वत: निकल आएगा।


·         प्रतिदिन के भोजन में दाल, कढ़ी व कुछ सब्जियों में हींग का उपयोग करने से भोजन को पचाने में सहायक होती है।

Monday, March 7, 2016

अंकुरित गेहूं खाने से होते हैं सेहत के लिए ये फायदेमंद

भोजन में अंकुरित अनाज को शामिल  किया जाए तो बहुत ही फायदेमंद होता है,क्योंकि बीजों के अंकुरित होने के बाद इनमें पाया जाने वाला स्टार्च- ग्लूकोज, फ्रक्टोज एवं माल्टोज में बदल जाता है जिससे न सिर्फ इनके स्वाद में वृद्धि होती है बल्कि इनके पाचक एवं पोषक तत्वों में भी वृध्दि हो जाती है।



अंकुरित भोजन शरीर में मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ता है। यह शरीर में बनने वाले  विषैले तत्वों को बेअसर कर, रक्त को शुध्द करता है। अंकुरित गेहूं के दानों को चबाकर खाने से शरीर की कोशिकाएं शुध्द होती हैं और इससे नई कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद मिलती है।

अंकुर उगे हुए गेंहू में विटामिन-ई भरपूर मात्रा में होता है। शरीर की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-ई एक आवश्यक पोषक तत्व है। यही नहीं, इस तरह के गेहूं के सेवन से त्वचा और बाल भी चमकदार बने रहते हैं। किडनी, ग्रंथियों, तंत्रिका तंत्र की मजबूत तथा नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी इससे मदद मिलती है। अंकुरित गेहूं में मौजूद तत्व शरीर से अतिरिक्त वसा का भी शोषण कर लेते हैं।

अंकुरित गेंहू में उपस्थित फायबर के कारण इसके नियमित सेवन से पाचन क्रिया भी सुचारु रहती है। अत: जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो उनके लिए भी अंकुरित गेहूं का सेवन फायदेमंद है। अंकुरित खाने में एंटीआक्सीडेंट, विटामिन ए, बी, सी, ई पाया जाता है। इससे कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक मिलता है। रेशे से भरपूर अंकुरित अनाज पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाते हैं।

गेंहू पेट के लिये बहुत हल्का होता है और आसानी से पचाया जा सकता है। आज की जनरेशन ने रोटी छोड़ कर मैदे से बने पीजा और बर्गर खाने शुरु कर दिये हैं, जिससे कई सारी स्वास्थ्य की समस्याएँ पैदा हो गई हैं।
 

Thursday, February 25, 2016

इन आहारों के सेवन करने से बने रहें लंबे समय तक स्वस्थ्‍ा और जवां


स्वस्थ्‍ा को लेकर काफी लोग सजग रहते हैं। सुंदर और जवां दिखने के लिए काफी कोशिश करते है और बहुत से उपाएं भी करते हैं लेकिन कई लोगों को फिर भी कोई रिजल्ट नहीं मिल पाता है। हम आपको कुछ खास टिप्स दे रहे हैं जिससे आप आसानी से खूबसूरत और जवा नजर आ सकेंगे।


      ·       वो कहते है न कि चिंता, चिंता का रास्ता दूर नहीं होता, इसलिए चिंता से कोसों दूर रहे। संतुष्टि के साथ खुशी का जीवन व्यतीत करे और शांत रहे इससे आप निरोगी के साथ सुंदर बने रहेंगे।
    ·         ऐसे फलों का सेवन करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक से अधिक हो जैसे-तरबूज,खरबूजा, खीरा, ककड़ी,सेब आदि।
    ·         अंजीर इसमें कैल्सियम और विटामिन ए और बी ज्यादा पाया जाता है तथा कब्ज, एनीमिया, अस्थमा, जुखाम,कमर दर्द, सिरदर्द,बवासीर आदि रोग से छुटकारा दिलाने के साथ शरीर में ताकत लाता है।
    ·         बादाम में प्रोटीन और फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है इसमें कैलि्शयम,एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-ई होता है जो दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाता है।
    ·         हेल्दी खाना खाने की आदत डाले, जैसे- सोया मिल्क या टोफू, इसमें सैचुरेटेड फैट बहुत कम और ना के बराबर होता है इसे खाने से बीमारियां कम होती है और ब्ल्ड प्रेशर को कम करता है।


अनार खाने के फायदे


अनार एक एेसा फल है जिसमें बहुमूल्य गुण है जो एक तीर कई निशाने लगाता है रोजाना मनुष्‌य को 5 से 3 फलों का सेवन करना चाहिए। लाल,मीठे रस और स्वाद से भरपूर अनार खाने का आनंद ही अलग होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अनार स्वाद देने के अलावा शरीर को और भी कई फायदे पहुंचाता हैं, यदि आप अनार नहीं खाते या कम खाते है तो इन फायदों को पड़ने के बाद आज से ही रोजाना अनार खाना शुरू कर देंगे।


1. अनार का सेवन ह्दय के लिए भी अच्छा माना जाता है। जो रोजाना अनार खाता है उसे ह्दय    रोग होने की संभावना बहुत कम होती है। 
2. अनार को शहद के साथ्‍ खाने पर खांसी में राहत मिलता है। 
3. यदि आपका पाचन कमजोर है या आपको कब्ज की शिकायत रहती है तो रोजाना अनार का सेवन करना फायदे का सौदा होगा, अनार पाचन की शक्तिवर्द्धक बनाने का कार्य करता है।
4.       यदि आपके स्तन ढीले है तो रोजाना अनार खाने से स्तनों में कसाव आ जाता है।
5.       यदि आप अपना वजन बढ़ाना चाहते है तो आज से ही अनार खाना शुरू कर दें। अनार रक्तवर्धक होता है इसके सेवन से त्वचा चिकनी बनती है और रक्त का संचार बढ़ता है ये शरीर को मोटा करती है।
6.       अनार के ताजे 20 ग्राम पत्तों को 100 ग्राम पानी में पीस-छानकर गर्भवती को पिलाते रहने से तथा पत्तों को पीसकर पेडू (नाभि) पर लेप करते रहने से गर्भस्राव या गर्भपात का खतरा नहीं रहता है।
7.       सौंफ अनारदाना और धनिये का चूर्ण मिश्री में मिलाकर 3-3 ग्राम दिन में 3 से 4 बार लेने से खूनी दस्त (रक्तातिसार) के रोगी का रोग दूर हो जाता है।

Friday, June 19, 2015

हरी-भरी सब्जियाँ सेहत के लिए

हरी-भरी सब्जियाँ सेहत के लिए

 आज के इस आपाधापी वाले युग में दुनिया के सभी पुरुष व महिलाएँ स्वास्थ्य तथा सौंदर्य चाहते हैं किंतु कोई भी प्राकृतिक आहार-विहार, दिनचर्या अपनाने को तैयार नहीं होता। इसका सबसे बड़ा कारण है बाजारों में बढ़ता डिब्बाबंद आहार का चलन, रेडीमेड खाद्य पदार्थ, हॉटडॉग, फास्ट फूड्स इन सभी का मानवीय जीवन में बहुत मात्रा में इस्तेमाल होने लगा है। मनुष्य के जीवन जीने के रंग-ढंग ही बदल गए हैं। अगर हम इन स्थितियों से बचना चाहते हैं तो हमें अपना खान-पान बदलना होगा तभी हमारी जीवन पद्धति में सुधार होगा और हम अपना स्वास्थ्य और सौंदर्य कायम रख पाएँगे। और इस आहार में हरी सब्जियों का सेवन ही हमारे जीवन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हरी सब्जियों से हमें शरीर के लिए आवश्यक वे सभी तत्व मिल जाते हैं, जो हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। इसके नियमित सेवन से पाचनतंत्र में सुधार, लावण्य में वृद्धि और हमारे शरीर को पौष्टिकता भी प्राप्त होती है। जिसका असर आपके चेहरे और शरीर पर आसानी से देखा जा सकता है।